
सबके मन भा गई, है किशोरी लाडली लिरिक्स
सबके मन भा गई, है किशोरी लाडली,वृषभानु प्यारी आ गई, है किशोरी लाडली,बरसाना दुलार पाई, है किशोरी लाडली,मइया की गोद आई, है किशोरी लाडली,क्या खूब

घर में पधारो गजानन जी, मेरे घर में पधारो लिरिक्स
घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो,रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा, मेरे घर में पधारो ।। राम जी आना, लक्ष्मण जी आना,संग में लाना

ओ गोरा के लाल तेरी पूजा है जग करता लिरिक्स
ओ गोरा के लाल तेरी पूजा है जग करता-२,एकदंत कहते हैं तुझको -२,ओ विघ्नों के हरता,ओ गोरा के लाल तेरी पूजा है जग करता ।।

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो लिरिक्स
(दोहा: ऐसे वर को क्या वरु, जो जनमे और मर जाये,वरीये गिरिधर लाल को, चुड़लो अमर हो जाये) आओ मेरी सखियो, मुझे मेहँदी लगा दो,मेहँदी

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल लिरिक्स
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,छोटो सो मेरो मदन गोपाल,छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।। आगे आगे गैया पीछे पीछे

इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले लिरिक्स
इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले,गोविन्द नाम लेके, फिर प्राण तन से निकले ।। श्री गंगा जी का तट हो, यमुना का

राम नाम सुखदाई भजन करो भाई लिरिक्स
राम नाम सुखदाई भजन करो भाई,ये जीवन दो दिन का ।। ये तन है जंगल की लकड़ी,आग लगे जल जाई भजन करो भाई,ये जीवन दो

तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान लिरिक्स
तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान ।। किसने जानी तेरी माया, किसने भेद तुम्हारा पाया,हारे ऋषी मुनि कर ध्यान, बना मन मंदिर आलीशान,तेरे

मन लागो मेरो यार फकीरी में लिरिक्स
मन लागो मेरो यार फकीरी में ।। जो सुख पावो राम भजन में, सो सुख नाही अमीरी में,मन लागो मेरो यार फकीरी में ।। भला

रसना निस दिन भज हरिनाम लिरिक्स
रसना निस दिन भज हरिनाम, राम-कृष्ण श्री कृष्ण राम,दोनों सुखकर आनन्द धाम, राम-कृष्ण श्री कृष्ण राम ।। कान्हा या चितचोर कहो, या रघुवर अवध किशोर

भजमन राम चरण सुखदाई लिरिक्स
भजमन राम चरण सुखदाई,भजमन राम चरण सुखदाई ।। जिहि चरननसे निकसी सुरसरिसंकर जटा समाई,जटासंकरी नाम परयो है,त्रिभुवन तारन आई ।। जिन चरननकी चरनपादुका,भरत रह्यो लव

मत कर तू अभिमान रे बन्दे लिरिक्स
मत कर तू अभिमान रे बन्दे, झूठी तेरी शान रे,मत कर तू अभिमान ।। तेरे जैसे लाखो आये, लाखो इस माटी ने खाये,रहा न नाम

राम कथा में वीर जटायु का अपना अनुपम स्थान लिरिक्स
राम कथा में वीर जटायु का अपना अनुपम स्थान,तुलसी ने बड़भागी कहकर, किया जटायु का यशगान ।। सीता हरणं समय रावण से, युद्ध किया वीर

तेरे मन में राम, तन में राम लिरिक्स
(दोहा: राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट,अंत काल पछतायेगा, जब प्राण जायेंगे छूट) तेरे मन में राम, तन में राम, रोम रोम

चीर के छाती बोले अपनी पवन पुत्र हनुमान लिरिक्स
चीर के छाती बोले अपनी पवन पुत्र हनुमान,मेरे मन में बसे हैं राम, मेरे तन में बसे हैं राम ।। सीता हरण किया रावण ने

सूरदास जी का एक तारा लिरिक्स
सूरदास जी का एक तारा, मीरा की करताल,बोले जय गिरधर गोपाल, बोले जय गिरधर गोपाल ।। (हाथ छुड़ाये जात हो, निर्बल जान के मोहे,हृदय से

ऐसी लागी लगन मीरा हो गयी मगन लिरिक्स
(दोहा: है आँख वो जो श्याम का दर्शन किया करे,है शीश जो प्रभु चरण में वंदन किया करे,बेकार वो मुख है जो रहे व्यर्थ बातों

इक कोर कृपा की कर दो, स्वामिनी श्री राधे लिरिक्स
इक कोर कृपा की कर दो, स्वामिनी श्री राधे,दासी की झोली भर दो, स्वामिनी श्री राधे ।। मैं तो राधा राधा सदा ही रटू,कभी द्वारे

वो काला एक बांसुरी वाला, सुध बिसरा गया मोरी रे लिरिक्स
वो काला एक बांसुरी वाला, सुध बिसरा गया मोरी रे,सुध बिसरा गया मोरी,माखन चोर जो नंदकिशोर वो, कर गयो मन की चोरी रे,सुध बिसरा गया

श्री राम लखन ले व्याकुल मन लिरिक्स
श्री राम लखन ले व्याकुल मन, कुटिया में लौट जब आए,नहीं पाई सिया अकुलाए नयन भर लाए,श्री राम लखन ले व्याकुल मन, कुटिया में लौट