
सब देवों से बढ़कर घर के पितर जी महाराज लिरिक्स
सब देवों से बढ़कर घर के पितर जी महाराज, उनको

सब देवों से बढ़कर घर के पितर जी महाराज, उनको

जय जय पितरजी महाराज, थारी बोलां जय जयकार,मन से ध्यावां

पितरां न जो ध्याव, बां की ज्योत जगाव,बीं घर को

पितरांको… आशीर्वाद, म्हाने तो मालामाल करग्यो, निहाल करग्यो जी, माला-माल


जय जय पितर जी महाराज,मैं शरण पड़यों हूँ थारी,शरण पड़यो



जिस घर में होता है, पितरो का आराधनमहके जीवन बगिया,


सब देवों से बढ़कर घर के पितर जी महाराज, उनको

जय जय पितरजी महाराज, थारी बोलां जय जयकार,मन से ध्यावां

पितरां न जो ध्याव, बां की ज्योत जगाव,बीं घर को

पितरांको… आशीर्वाद, म्हाने तो मालामाल करग्यो, निहाल करग्यो जी, माला-माल


जय जय पितर जी महाराज,मैं शरण पड़यों हूँ थारी,शरण पड़यो



जिस घर में होता है, पितरो का आराधनमहके जीवन बगिया,
