
महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है लिरिक्स
उनकी ही कृपा से, एकदम मस्त जिंदगी है, और गुजरा

उनकी ही कृपा से, एकदम मस्त जिंदगी है, और गुजरा


(दोहा – महाकाल की हर इक गली गली,दुल्हन की तरह

कोई जाये जो उज्जैनी, मेरा पैगाम ले जाना,मैं खुद तो

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,महाकाल की नगरी मे

तेरा दर तो हकीकत में,दुखियों का सहारा है,दरबार तेरा बाबा,जन्नत


दोहा – मेरे महाकाल की मर्जी से,ये सूर्य की किरणे


उनकी ही कृपा से, एकदम मस्त जिंदगी है, और गुजरा


(दोहा – महाकाल की हर इक गली गली,दुल्हन की तरह

कोई जाये जो उज्जैनी, मेरा पैगाम ले जाना,मैं खुद तो

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,महाकाल की नगरी मे

तेरा दर तो हकीकत में,दुखियों का सहारा है,दरबार तेरा बाबा,जन्नत


दोहा – मेरे महाकाल की मर्जी से,ये सूर्य की किरणे
