
थाली भरकर ल्याइै रै खीचड़ौ लिरिक्स
थाली भरकर ल्याइै रै खीचड़ौ, उपर घी की बाटकी,जीमो म्हारा

थाली भरकर ल्याइै रै खीचड़ौ, उपर घी की बाटकी,जीमो म्हारा

जीमों जी बाबाजी, मनवार मैं करूं,चूरमें की थाली थारे, सामने

आओ भोग लगाओ मेरे मोहन,दुर्योदन की मेवा तयादी,साद विधुर घर

शिव के दुलारे गिरिजा के लाल, भोग लगावो हमें कर