अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया ।।
दातुर मोर, पपीहा बोले,
कूके-3 काली कोयलिया,
ओ मेरी, माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया ।।
शीश मुकुट, कानों में कुण्डल,
सोहवे-3 लाल चुनरिया,
ओ मेरी, माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया ।।
माथे की बिन्दिया, चम चम चमके,
जैसे-3 गगन में बिजुरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया ।।
सूरज चन्दा, आरती उतारे,
पवन-3 बुहारे डगरिया,
मेरी माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया ।।
ब्रम्हा बिष्णु, शंकर नाचे,
मोहन-3 बजाए बाँसुरिया,
ओए मेरी माँ की दुअरिया,
अमृत की बरसे बदरिया,
अम्बे माँ की दुअरिया ।।
लिरिक्स – गुरु राम लाल शर्मा जी, सरल कवी जी, संतोष सिंह जी