राधा रानी हमारी सरकार, फिकर मोहे काहे की लिरिक्स

Radha Rani Hamari Sarkar Lyrics

(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,
गुण गावत चारहुँ वेद की बानी,
चन्द्र से भानु से जाके है चाकर,
और द्वार रखावत शम्भू भवानी,
शक्ति की शक्ति या शक्ति की शक्ति है,
मुक्ति की भक्ति की दानी महारानी,
और काहे ना राज करे तिहूँ लोक में,
जा की है राधिका श्री महारानी)

हित अधम उधारण देह धरे, बीनू कारण दीनन नेह करे,
जब ऐसी दयालु सरकार, फिकर मोहे काहे की,
राधा रानी हमारी सरकार, फिकर मोहे काहे की ।।

टूक निज जन क्रंदन सुनी पावे, तजी श्यामहु निज जन पे आवे,
जब ऐसी सरल सुकुमार, फिकर मोहे काहे की,
राधा रानी हमारी सरकार, फिकर मोहे काहे की ।।

भृकुटि नित तकत श्याम जाकी, ताकि शरणाई डर काकी,
जब ऐसी कृपालु सरकार, फिकर मोहे काहे की,
राधा रानी हमारी सरकार, फिकर मोहे काहे की ।।