याद थारी आवे नैणा, बरस रही बादळी,
सांवरिया रे थारी, ओल्यूड़ी आवे ।।
दिन बीत्या रे बीत्या महीना, बीतण लागी साल,
आजा रे साँवरिया थारी, ऊबो जोऊँ बाट,
गिण गिण घसगी म्हारे, हाथां री आँगळी,
सांवरिया रे थारी, ओल्यूड़ी आवे ।।
वादो करके भूल गयो तू, क्यूँ म्हानै बिलमायो,
बोल्यो थो आऊँगा तेरे, आज तलक नहीं आयो,
तेरी मीठी बातां बाबा, नींद ले गई म्हारली,
सांवरिया रे थारी, ओल्यूड़ी आवे ।।
एक पल चैन नहीं बिन थारे, मनड़ो धीर गंवाए,
टालमटोल करे मत बाबा, एक बर मिल ले आय,
थारे बिना कईयाँ चलसी, जीवन की या गाडली,
सांवरिया रे थारी, ओल्यूड़ी आवे ।।
आणो है तो आजा साँवरा, क्यूँ म्हाने तरसावे,
लोग मस्करा पूछे ‘संजू’, कद साँवरियो आवे,
बात म्हारी जो गई तो, जासी बात थारली,
सांवरिया रे थारी, ओल्यूड़ी आवे ।।
लेखक – संजू शर्मा जी, लक्मन साहा जी




