
देखु जिधर उधर ही मेरे श्याम का नजारा भजन लिरिक्स
देखु जिधर उधर ही मेरे श्याम का नजारा,खाटू का श्याम

देखु जिधर उधर ही मेरे श्याम का नजारा,खाटू का श्याम

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझे बुलाए गा,झूठे बहाने

सारे जग की ठोकर खाके,द्वार तेरे आया, कान्हा,द्वार तेरे आया,रिश्ते

देखु जिधर उधर ही मेरे श्याम का नजारा,खाटू का श्याम

तू रुक नहीं पाएगा, बाबा जो तुझे बुलाए गा,झूठे बहाने

सारे जग की ठोकर खाके,द्वार तेरे आया, कान्हा,द्वार तेरे आया,रिश्ते