सारे जग की ठोकर खाके द्वार तेरे आया लिरिक्स

सारे जग की ठोकर खाके,द्वार तेरे आया, कान्हा,द्वार तेरे आया,रिश्ते टूटे साथी छुटे,कोई ना अपनाया, कान्हा,द्वार तेरे आया ।। जिन्की खातीर तुझको छोडा,आज उन्हिने मुखड़ा मोडा,किसको दिखाउ दिल का फोड़ा,टूटे दिल के टुकड़े लेकर,चौखट पे आया, कान्हा,चौखट पे आया ।। आई समाज अब जग की रीति,बिन स्वार्थ के होए न प्रीति,देख के हालत होती इनकी,मुझ […]