
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो लिरिक्स
(दोहा – देखो देखो ये गरीबी, ये गरीबी का हाल,कृष्ण

(दोहा – देखो देखो ये गरीबी, ये गरीबी का हाल,कृष्ण

तर्ज- साजन मेरा उस पार है… दोहा- देवता मैंने जहाँ

मैं हूँ शरण में तेरी, संसार के रचैया,कश्ती मेरी लगादो,

मेरी आखिओं के सामने ही रहना,ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥

(दोहा – देखो देखो ये गरीबी, ये गरीबी का हाल,कृष्ण

तर्ज- साजन मेरा उस पार है… दोहा- देवता मैंने जहाँ

मैं हूँ शरण में तेरी, संसार के रचैया,कश्ती मेरी लगादो,

मेरी आखिओं के सामने ही रहना,ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥