
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली लिरिक्स
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली,तेरे संकट हरैगी करैगी

संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली,तेरे संकट हरैगी करैगी

एसी किरपा करो श्री राधे, दीजो वृन्दावन को वास,वृन्दावन को


करुणामयी किरपामयी,मेरी दयामयी राधे ।। पद – जुगल नाम सो

(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,गुण गावत चारहुँ वेद

(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,गुण गावत चारहुँ वेद

इक कोर कृपा की कर दो, स्वामिनी श्री राधे,दासी की

राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा,श्याम देखा, घनश्याम


रखियो लाज हमारी किशोरी राधे,मेरी किशोरी राधे, प्यारी किशोरी राधे

संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली,तेरे संकट हरैगी करैगी

एसी किरपा करो श्री राधे, दीजो वृन्दावन को वास,वृन्दावन को


करुणामयी किरपामयी,मेरी दयामयी राधे ।। पद – जुगल नाम सो

(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,गुण गावत चारहुँ वेद

(दोहा – सारद शेष की कौन गिने,गुण गावत चारहुँ वेद

इक कोर कृपा की कर दो, स्वामिनी श्री राधे,दासी की

राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा,श्याम देखा, घनश्याम


रखियो लाज हमारी किशोरी राधे,मेरी किशोरी राधे, प्यारी किशोरी राधे