
जग की झूठी माया से बेगाने हो गए भजन लिरिक्स
जग की झूठी माया से बेगाने हो गए,ऐ श्याम तेरे

जग की झूठी माया से बेगाने हो गए,ऐ श्याम तेरे




हरदम रहता साथ वो मेरे,सांझ कहु या कहु सवेरे,उसकी कृपा

खाटू बुला रहा हैं, किरपा नहीं तो क्या हैं,अब तक

तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,जन्मों की प्यास

तू खाटू बुलाता रहे और मैं आता रहूं || (ख्याल

हाथ जोड़कर मांगता हूँ ऐसा हो जनम,तेरे नाम से शुरु,