

सांवल सा गिरधारी, भला हो रामा सांवल सा गिरधारी,हो भरोसो

जय माँ भगवती भवानी, जय जग्दम्बे राज रानी,तेरी आरती गाऊं,

श्री राधा मोहन श्याम शोभन, अंग पट पीताम्बरं,जयति जय जय,

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्टदलन रघुनाथ कला की

देवा लंबोदर गिरिजा नंदना,देवा पूर्ण करो मनकामना, हो देवा सिद्ध

ऊँ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशिदिन ध्यावत,

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा,माता जाकी पार्वती, पिता