आ जाओ ना, आ जाओं ना,
आ जाओं ना, आ जाओं ना,
तुझे निहारे मेरे सांवरिया, अब तो आंखे मेरी,
आ जाओं ना ।।
तर्ज – ओ साहिबा ।
जब तक तू ना आएगा, दिल चैन ना पाएगा,
रोते रोते मेरा, ये दम घुट जाएगा,
ना कटते है ये, प्रभु दिन मेरे,
ना कटती रातें मेरी,
आ जाओं ना, आ जाओं ना,
आ जाओं ना, आ जाओं ना ।।
अब सहा नही जाता, ये दर्द जुदाई का,
मेरे जीवन में तेरा, है नाम दवाई सा,
मचल रही है, तेरी यादों में,
अब तो सांसे मेरी,
आ जाओं ना, आ जाओं ना,
आ जाओं ना, आ जाओं ना ।।
एक बार चले आओ, फिर आके चले जाना,
‘विक्की’ का मुश्किल है, बिन तेरे जी पाना,
यही गुज़ारिश, अब तो आखिर में,
जाते जाते मेरी,
आ जाओं ना, आ जाओं ना,
आ जाओं ना, आ जाओं ना ।।
लिरिक्स – विकास अग्रवाल जी




