होली खेले गोपियां, रंग डाले ग्वाल,
भरके पिचकारी मारे यशोदा को लाल,
होली खेले गोपियां ।।
तर्ज – छोटी छोटी गैया ।
हरा पीला नीला रंगों की फुहार,
गोपी ग्वाल देखो दोनों है लाल,
होली खेले गोपियां ।।
होली माता सज कर हो गई तैयार,
रात जलावे सब मिल कर ग्वाल,
होली खेले गोपियां ।।
छांछ पिए गोपियां भांग पिये ग्वाल,
मस्ती में झूमे नाचे भगत हज़ार,
होली खेले गोपियां ।।
छोटे बड़े मिल कर करें हैं धमाल,
आरती ललित भी नाचे थारे द्वार,
होली खेले गोपियां ।।
होली खेले गोपियां, रंग डाले ग्वाल,
भरके पिचकारी मारे यशोदा को लाल,
होली खेले गोपियां ।।
लेखक – ललित माली जी, आरती माली जी




