एक चीज म्हे माँगा बाबा, ना करियो इंकार,
थारी दया से म्हारो, फुले फले परिवार,
थारी दया से म्हारो, फुले फले परिवार ।।
तर्ज – बार बार तोहे क्या समझाऊ ।
चौबीस घंटा घर में थारो वास रवे,
टाबरिया ने था पर ही विश्वास रहे,
म्हे हाँ दीन भिखारी बाबा… थे हो लखदातार,
थारी दया से म्हारो फुले फले परिवार ।।
सुख में दुःख में बाबा थाने याद करा,
ना जाणा म्हे कईया पूजा पाठ करां,
भूल चूक री माफ़ी दीजो… मानांगा उपकार,
थारी दया से म्हारो फुले फले परिवार ।।
था पर है जो अटल भरोसो टूटे ना,
खाटू नगरी आणो जाणो छूटे ना,
धन दौलत ना माँगा बाबा… माँगा थारो प्यार,
थारी दया से म्हारो फुले फले परिवार ।।
थाने ना भुला जो भी हालात रवे,
हरदम म्हाने याद म्हारी औकात रवे,
‘नरसी’ की अर्जी पे बाबा… करल्यो सोच विचार,
थारी दया से म्हारो फुले फले परिवार ।।
लिरिक्स – नरेश नरसी जी




